उड़ान...
बीती रात सपने में मिला एक हवाईजहाज
और मेरे मन ने भर ली ऊँची उड़ान
सुनाता हूँ उसी उड़ान की दास्तान
पसंद आई या नहीं?
बताइयेगा जरूर श्रीमान!!
हवा के एक ठंडे झोंके ने सहलाया, उठाया
और मैंने अपने आप को खुले आकाश में पाया
वहां बादलों के ऊपर धूसर आसमान नज़र आया
जितना अकेला मैं था, उतना ही अकेला मैंने उसे पाया
मैंने बाहें फैलाई तो वो इठला गया
पूरा आसमान मेरे आगोश में आ गया
हौले से परिदृश्य बदला
कहीं से एक नन्हा, रेशमी, शैतान बादल आ निकला
उसका वो मृदुल स्पर्श
हम दोनों को गुदगुदा गया
जबरदस्त ठण्ड के बीच
गर्माहट का अहसास जगा गया
रूप बदलते बादल ने
बढ़ते जाने का सन्देश दिया
बूंदों में बिखर कर उसने
नवजीवन का सृजन किया
फिर मिली बादलों की एक फ़ौज
जिसमें,
कुछ काले, कुछ गोरे थे,
कुछ छोटे, कुछ मोटे थे
कभी पास, कभी ऊपर उड़ते,
कभी पांव के नीचे थे
इतने उत्साहित दिखते थे जैसे
चाँद जीत कर लौटे थे
एक से बढ़कर एक सभी, और
अपने आप में अनोखे थे
शिवजी की बारात हो जैसे
ऐसे मस्ती में डोले थे
फैशन शो फीके पड़ जाए
ऐसी सुन्दरता संजोये थे
कभी मदिरा के फेन से बुदबुद
कभी मक्खन के ढेले थे
कभी दिखे वो ऐसे जैसे
मानो रुई के फाहे उड़ते थे
या हों बड़े बड़े आइसबर्ग, जो
हवा के दरिया में बहते थे
मिले वहां कई teddy
और मिले कुछ पांडा भी
और कुछ ऐसे जैसे
नमक के खेतों में हो बिखरे
बड़े बड़े से रेले थे
swiss cheese की दीवार भी देखी
और वहीँ था Jerry भी
Tom पड़ा था उसके पीछे
पेंच वही सब पुराने थे
बड़े सुंदर और मखमली
बादलों के बिछोने थे
जाने, मदहोशी थी या था सुकून
या शायद,
बस, सोने के बहाने थे
फिर वो पल भी आया
जब मैंने अपने आप को जागता पाया
वो ख्वाब अधूरा रह गया
पर मेरी नींद पूरी कर गया
मुझे ख़ुशी के कुछ पल
और ये सुंदर कहानी दे गया
Cool one Sandeep accha sapna tha jo khusiyo k pal de gaya sath nind bhi puri kar gaya...Keep up the good work
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